लेखपाल संघ समाचार

विशेष अवकाश दिए जाने हेतु पत्र–LetterForLeave

______LekhpalSanghElection2016____________________________________

News in Amar Ujala dated – 18-01-2016—–>AmarUjala-18jan2016

 

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डेढ़ हजार लेखपाल अमीन बने कानूनगो  17-01-2015 ( Amar ujala Lucknow)

अमर उजाला ्यूरो लखनऊ। सूबे मं राजलव रनरीिकं की कमी ज्द दूर हो जाएगी। राजलव पररषद ने डेढ़ हजार से ्यादा लेखपाल, भूरम अ्यारतत अमीन व संरह अमीन को पदो्नरत देकर राजलव रनरीिक (कानूनगो) बनाने का फैसला रकया है। इ्हं शीर रजलेवार तैनाती रमलने की संभावना है। लेखपाल संघ के पदारधकारी रपिले दो साल से लेखपालं की पदो्नरत को लेकर रयास कर रहे थे। राजलव मंिी रशवपाल रसंह ने इस संबंध मं कारषवाई का आकवासन रदया भी था। पररषद के एक वरर्ठ अरधकारी ने बताया रक अब करीब 1100 लेखपालं को राजलव रनरीिक , करीब तीन दजषन भूरम अ्यारतत अमीन को कानूनगो व 445 संरह अमीन को राजलव रनरीिक के पद पदो्नरत देने का फैसला हो चुका है। इसके बाद, अब ज्द डेढ़ हजार से ्यादा राजलव रनरीिक फी्ड मं पुंच जांगे। खास बात यह है रक पदो्नरत पाने वालं मं कई की सेवा मं बुत कम समय बचा है। ऐसे मं बोडट ने लेखपालं को कानूनगो का पद रमलने पर उसी रजले मं तैनाती देने का फैसला रकया है। आजमगढ़ जैसे रजले मं जहां कानूनगो के पदं की सं्या कम है, वहां पड़ोसी रजलं मं तैनाती देने की तैयारी है। लेखपाल संघ के महामंिी अवधेश रसंह चौहान ने बताया रक असे से पदो्नरत न पाने की वजह से लेखपालं मं कुंठा बढ़ रही थी। पररषद की कारषवाई से 17 अगलत 1980 तक के लेखपाल पदो्नरत पा जांगे। रा्य लोक सेवा आयोग से सीधी भतीष के जररए 616 राजलव रनरीिक चयरनत हो चुके हं। राजलव पररषद ने इन करमषयं की तैनाती से जुड़ी कारषवाई शुू कर दी है। इसके बाद कानूनगो की कमी काफी हद तक पूरी हो जाएगी।

News copy — download —Lekhpal Amin Kanoongo Bane

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लेखपाल की हत्या कर शव पेड़ पर लटकाया

संवाद सहयोगी, हाथरस : सादाबाद के गांव मंस्या से गुरुवार को तड़के लेखपाल का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई और शव करीब पंद्रह किलोमीटर दूर चंदपा क्षेत्र के गांव भूतपुरा के जंगल में पेड़ पर लटका दिया गया। हत्या की खबर से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। अधिकारी आनन-फानन मौके पर पहुंचे। कमिश्नर व डीआइजी ने भी आकर हालात जाना। लेखपाल के भतीजे ने कोतवाली चंदपा में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

सादाबाद के गांव मंस्या के रहने वाले लेखपाल मोहन ¨सह (54) पुत्र पोप¨सह की सादाबाद के ही गांव मिढ़ावली व सहपऊ के मढ़ाभोज में तैनाती थी। परिजनों के मुताबिक वे रोजमर्रा की तरह गुरुवार को तड़के करीब चार बजे टहलने के लिए निकले थे। वे प्रतिदिन एक-दो घंटे में घर लौट आते थे, मगर गुरुवार को आठ बजे तक नहीं लौटे तो ¨चता हुई। उनकी खोजबीन शुरू की गई। करीब दस बजे उनके इकलौते बेटे नागेंद्र के मोबाइल फोन पर कॉल आया और बताया गया कि मोहन ¨सह की लाश भूतपुरा के जंगल में पड़ी है। उनको शहतूत के पेड़ पर गमछे से लटकाया गया था। गमछा वजन के कारण फट गया था, जिससे शव नीचे गिर गया था। परिजन मौके की ओर दौड़े। उधर, सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी शमीम अहमद खान, एसपी दीपिका तिवारी आदि भी घटना स्थल पर पहुंच गए। जनपद भर के तमाम लेखपाल भी वहां इकट्ठे हो गए।

मोहन सिंह के बिलखते परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। हंगामे के डर से पुलिस ने तत्काल शव को सील कर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया। बाद में कमिश्नर चंद्रकांत व डीआइजी गो¨वद अग्रवाल भी घटना का जायजा लेने चंदपा पहुंचे।

मोहन सिंह के भतीजे राकेश ¨सह का कहना है कि जिस खेत पर मोहन ¨सह टहलने जाते थे, वहां गाड़ी के पहियों के निशान मिले हैं। वही निशान शव मिलने के स्थान पर भी देखे गए। राकेश ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण कर हत्या करके शव पेड़ से लटकाने की रिपोर्ट दर्ज करा दी है।

इनका कहना है

प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पहले कुछ नहीं कहा जा सकता। मामला गंभीर है। तहरीर के अनुसार रिपोर्ट दर्ज कर ली है। यदि हत्या हुई है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दीपिका तिवारी, एसपी।

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उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल के महत्वपूर्ण निर्णय-04-01-2015(Revenue inspector related Letter)

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल के महत्वपूर्ण निर्णय-04-01-2015

 

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News Taken from Media

रेलवे ट्रैक पर मिला लेखपाल का शव-

दुद्धी- तहसील, महुली(सोनभद्र)

महुली(सोनभद्र) (सं.)। दुद्धी तहसील क्षेत्र के लेखपाल का क्षतविक्षत शव शनिवार को विण्ढमगंज थाना क्षेत्र के देवरी गांव स्थित रेलवे ट्रैक पर मिला। एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें एसडीएम और तहसीलदार के उत्पीड़न से आत्महत्या करने की बात कही गई है।

विण्ढमगंज थाना क्षेत्र के पतरिहा निवासी अशोक चौबे (55) दुद्धी तहसील क्षेत्र के सुंदरी, भिसुर गांव के लेखपाल थे। शुक्रवार को उनका तबादला रासपहरी गांव के लिए कर दिया गया था। शुक्रवार की रात ही वह अपने पतरिहा स्थित आवास से निकल गए थे। शनिवार की सुबह उनका शव घर से कुछ दूर देवरी गांव में कनहर रेलवे ब्रिज के पास रेलवे ट्रैक पर मिला। आशंका जताई जा रही है कि रात में ही किसी ट्रेन से वह कट गए। मौके पर एक सूसाइड नोट मिला है। एसओ विण्ढमगंज ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौंप दिया। सूसाइड नोट में दुद्धी के एसडीएम और तहसीलदार पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। लिखा है कि कनहर सिंचाई परियोजना के विस्थापितों को उसे सात लाख 11 हजार रुपये का चेक देना था। एसडीएम और तहसीलदार प्रत्येक विस्थापित को मिलने वाले चेक में से 11-11 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। लेखपाल के बेटे पंकज चौबे का कहना है कि उसके पिता करीब एक सप्ताह से डिप्रेशन में थे। उधर, सीओ देवेश शर्मा का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं है। ट्रैक पार करते समय भोर में जबलपुर-हावड़ा शक्तिपुंज एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हुई है। जो सूसाइड नोट मिला है, उसे सील कर जांच के लिए भेज दिया गया है। उधर, डीएम डीके सिंह का कहना है कि कनहर परियोजना के निरीक्षण के दौरान लेखपाल की शिकायतें मिली थीं। इस आधार पर एसडीएम ने उन्हें वहां से हटाया था। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने लेखपाल अशोक चौबे की आत्महत्या को प्रशासन की तानाशाही का परिणाम बताया है। कहा कि ऐसे अधिकारियों पर केस दर्ज होना चाहिए।

 

 

 

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रेलवे ट्रैक पर मिला लेखपाल का शव-

दुद्धी- तहसील, महुली(सोनभद्र)

महुली(सोनभद्र) (सं.)। दुद्धी तहसील क्षेत्र के लेखपाल का क्षतविक्षत शव शनिवार को विण्ढमगंज थाना क्षेत्र के देवरी गांव स्थित रेलवे ट्रैक पर मिला। एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें एसडीएम और तहसीलदार के उत्पीड़न से आत्महत्या करने की बात कही गई है।

विण्ढमगंज थाना क्षेत्र के पतरिहा निवासी अशोक चौबे (55) दुद्धी तहसील क्षेत्र के सुंदरी, भिसुर गांव के लेखपाल थे। शुक्रवार को उनका तबादला रासपहरी गांव के लिए कर दिया गया था। शुक्रवार की रात ही वह अपने पतरिहा स्थित आवास से निकल गए थे। शनिवार की सुबह उनका शव घर से कुछ दूर देवरी गांव में कनहर रेलवे ब्रिज के पास रेलवे ट्रैक पर मिला। आशंका जताई जा रही है कि रात में ही किसी ट्रेन से वह कट गए। मौके पर एक सूसाइड नोट मिला है। एसओ विण्ढमगंज ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौंप दिया। सूसाइड नोट में दुद्धी के एसडीएम और तहसीलदार पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। लिखा है कि कनहर सिंचाई परियोजना के विस्थापितों को उसे सात लाख 11 हजार रुपये का चेक देना था। एसडीएम और तहसीलदार प्रत्येक विस्थापित को मिलने वाले चेक में से 11-11 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। लेखपाल के बेटे पंकज चौबे का कहना है कि उसके पिता करीब एक सप्ताह से डिप्रेशन में थे। उधर, सीओ देवेश शर्मा का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं है। ट्रैक पार करते समय भोर में जबलपुर-हावड़ा शक्तिपुंज एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हुई है। जो सूसाइड नोट मिला है, उसे सील कर जांच के लिए भेज दिया गया है। उधर, डीएम डीके सिंह का कहना है कि कनहर परियोजना के निरीक्षण के दौरान लेखपाल की शिकायतें मिली थीं। इस आधार पर एसडीएम ने उन्हें वहां से हटाया था। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने लेखपाल अशोक चौबे की आत्महत्या को प्रशासन की तानाशाही का परिणाम बताया है। कहा कि ऐसे अधिकारियों पर केस दर्ज होना चाहिए।

 

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लेखपाल पाएंगे लैपटाप सीयूजी मोबाइल  (AMAR UJALA)-LUCKOW-12-11-14

(बढ़ेगा पेट्रोल, स्टेशनरी व विशेष भत्ता, पदोन्नति की समस्या का भी हुआ समाधान)

 

लखनऊ (ब्यूरो)। प्रदेश के लेखपालों का ग्रेड पे तो नहीं बढ़ पाएगा, लेकिन सरकार उन्हें लैपटाप व सीयूजी मोबाइल देने के साथ ही पेट्रोल भत्ता, स्टेशनरी भत्ता व विशेष भत्ते में बढ़ोतरी को तैयार हो गई है। लेखपालों की पदोन्नति संबंधी समस्या का समाधान भी निकाल लिया गया है।

राजस्व विभाग के लेखपाल ग्रेड पे बढ़ाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर पिछले काफी दिनों से आंदोलन पर थे। पर, सरकार के आश्वासन पर लेखपालों ने सोमवार को आंदोलन स्थगित कर दिया गया था। विभागीय सूत्रों ने बताया कि सरकार ने ग्रेड पे बढ़ाने की मांग नहीं मानी। इस संबंध में मांग सातवें वेतन आयोग के समक्ष रखने पर ही सहमति बन सकी। मगर लेखपालों द्वारा सरकारी सूचनाएं इकट्ठा करने, दैवी आपदा, बाढ़, समाधान दिवस, तहसील दिवस, वीआईपी ड्यूटी, कानून-व्यवस्था, जनता दर्शन केअलवा तमाम प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में निजी वाहनों के प्रयोग पर काफी मात्रा में पेट्रोल खर्च की बात मान ली गई। मुख्य सचिव अलोक रंजन ने पेट्रोल भत्ता, स्टेशनरी भत्ता व विशेष भत्ता बढ़ाने पर सहमति दे दी। ई-डिस्ट्रिक्ट व कप्यूटराइज्ड खतौनी आदि कार्यों को देखते हुए लेखपालों को लैपटाप व सीयूजी मोबाइल देने का भी फैसला हो गया। इसके अलावा राजस्व निरीक्षक के जो 1308 नए पद सृजित किए गए हैं, उसमें 25 प्रतिशत सीधी भर्ती के पदों को विभागीय परीक्षा के जरिए भरने पर भी सरकार सहमत हो गई। इससे लेखपाल, अमीन व भूमि अध्याप्ति अमीनों को तेजी से पदोन्नति का मौका मिल सकेगा। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने राजस्व परिषद को इस संबंध में प्रस्ताव देने को निर्देशित किया है।

 

Lekhpal Sangh strike Postpone — DownloadMahamantriLetter_to_Chief_Seretary_letter_10-11-14

Download_Mahmantri_patra_10 nov 2014

Download_Karywritt_7-n0v-14

 

 

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AMARUJAL61114

 

लेखपालों की हड़ताल से प्रमाणपत्र के आवेदन डंप (29 -10-14  Amar Ujala faiabad)

तहसीलों में काम प्रभावित, आय, जाति निवास प्रमाण पत्र को भटक रहे लोग

कानूनगो की रिपोर्ट के सहारे काम चलाने की कोशिश

 

फैजाबाद (ब्यूरो)। लेखपालों की हड़ताल से आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र आवेदकों को परेशान होेना पड़ रहा है। हड़ताल के चलते तहसील के राजस्व संबंधी कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सैकड़ों की संख्या में प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो पा रहे हैं।

करीब एक माह से लेखपाल कार्य बहिष्कार व हड़ताल पर हैं। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर उन्होंने राजस्व संबंधी कार्य करने से हाथ खड़ा कर दिया है। तहसील और थाना दिवस का बहिष्कार जारी है। विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्रों पर उनकी रिपोर्ट न लग पाने से वह जारी नहीं हो पा रहे हैं। इन दिनों खास तौर से आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाने वालों की भीड़ है। विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति आवेदन के लिए प्रमाण पत्रों की जरुरत है। ऐसे में लेखपालों की हड़ताल के कारण प्रमाण पत्र बनाने का कार्य खासा प्रभावित हो रहा है।

सभी तहसीलों में सैकड़ों की संख्या में आवेदन पत्र लंबित हैं। हड़ताल के कारण तहसील के अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। प्रमाण पत्र जारी करने की वैकल्पिक व्यवस्था भी समस्या से निजात नहीं दिला पा रही है। कुछ तहसीलों में रिपोर्ट के लिए लेखपाल की बजाए कानूनगो का सहारा लिया गया है। एसडीएम सदर आरएस यादव स्वीकार करते हैं कि हड़ताल के कारण काम प्रभावित हो रहा है। बताया कि उन्होंने कानूनगो से रिपोर्ट लगवाने की कोशिश की है लेकिन महज एक कानूनगो के कारण काम पूरा नहीं हो पा रहा है। मिल्कीपुर के असडीएम कंचन राम कहते हैं कि प्रमाणपत्रों पर कानूनगो के जरिए रिपोर्ट लगवाकर काम चला रहे हैं।

बीकापुर प्रतिनिधि के मुताबिक पूर्व में जन सेवा केंद्रो पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए तहसीलदार ने कानूनगो को रिपोर्ट लगाने का निर्देश दिया है, लेकिन नए सिरे से आवेदन करने वालों के लिए कोई स्पष्ट आदेश न होने से लोग परेशान हो रहे हैं। तहसील में चार कानूनगो सर्किल में मात्र चौरे और हैदरगंज पर कानूनगो तैनात हैं। बीकापुर और तारुन पर वरिष्ठ लेखपालों को कानूनगो की जिम्मेदारी दी गई है जो हड़ताल पर हैं। तहसीलदार अरुण कुमार मिश्र ने बीकापुर को चौरे और तारुन क्षेत्र को हैदरगंज कानूनगो के पास वैकल्पिक व्यवस्था से जोड़ने के लिए एसडीएम के पास रिपोर्ट भेजी है। तहसीलदार ने बताया कि पूर्व में सेवा केंद्रों पर आवेदन करने वालों को मैनुअल प्रमाण पत्र बनाया जा रहा है, लेकिन नए आवेदनों के संबंध में अभी निर्णय नहीं हुआ है। अब कानूनगो से रिपोर्ट लगवाने का निर्देश दिया गया है।

 

लेखपाल संघ की मुख्य सचिव से वार्ता विफल(Amar Ujala – Lucknow-Lucknow edition) date -28-10-14

लखनऊ (ब्यूरो)। लेखपालों की हड़ताल खत्म कराने के लिए मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता में लेखपाल संघ के पदाधिकारियों के साथ हुई वार्ता भी विफल हो गई। ग्रेड पे बढ़ाने की मांग पर वित्त विभाग की असहमति ने वार्ता को पटरी से उतार दिया। संघ ने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।

लेखपाल ग्रेड पे व भत्ता बढ़ाने तथा लेखपाल भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यता स्नातक करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर पिछले काफी समय से आंदोलन पर हैं। लेखपालों ने करीब सात हजार रिक्त पदों के बस्ते वापस कर इन क्षेत्रों के काम ठप कर दिया है। हड़ताल खत्म कराने के लिए सोमवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चंद्रा, आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद आलोक कुमार, सचिव वित्त अजय अग्रवाल, लेखपाल संघ के अध्यक्ष रवींद्र नाथ त्रिपाठी व महामंत्री अवधेश सिंह चौहान आदि शामिल हुए। संघ की मांगों पर विस्तार से वार्ता हुई। इसमें लेखपालों को लैपटॉप व सीयूजी मोबाइल देने, स्टेशनरी व साइकिल भत्ता बढ़ाने जैसी मांगों पर सहमति बनती नजर आई।

शासन की ओर से यह भी बताया गया कि संघ की मांग के क्रम में कानूनगो के 1308 पदों के सृजन का निर्णय हो गया है। मगर बात जब ग्रेड पे और स्नातक शैक्षिक योग्यता करने की शुरू हुई तो सचिव वित्त ने इस पर असहमति जताई । उनका तर्क था कि ग्रेड पे बढ़ाने से बड़ी संख्या में दूसरे विभागों से यही मांग उठेगी। संघ के पदाधिकारी ग्रेड पे व स्नातक योग्यता पर सहमति न बनने की दशा में हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगें न मानी गईं तो एक दिसंबर से लेखपाल पूरी तरह से कामकाज ठप कर देंगे।

ग्रेड पे बढ़ाने पर वित्त विभाग की असहमति से नहीं बनी बात, जारी रहेगी हड़ताल

 

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Lekhpal sangh Warta with Principal Secretary Revenue and Others

 

News Published in Amar Ujala lucknow – lucknow edition

Download News–AmarUjala_19_10_2014(LucknowEdition)

 

U P Lekhpal Sangh President Mr Ravindra Nath Tripathi and Others

at Laxman Park in Lucknow on dated 13 -10-14

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